Sunday, October 17, 2010

Dosti Aaj Kal...

आज का दिन मेरे जिंदगी में बहुत खास है. कुछ ऐसे लोगों से मिला जो मेरी जिंदगी में काफी अहमियत रखते हैं. जिनके न होने से जिंदगी खाली हो जाता है. हालाँकि ...खालीपन भी हमेशा बुरा नहीं होता....कई बार बहुत कुछ सोचने का मौका देता है. अपने आप को समझने का मौका देता है. खैर....आज की मेरी कविता ...मेरे अकेलेपन पर...आपके नज़र करता हूँ...बहुत ही बेसुरी कविता है ...लेकिन मेरे दिल के करीब है....कृपया झेल लीजियेगा :-)

सच्चा साथी

यह तन्हाई और अकेलापन
कितना अच्छा है....हमेशा
साथ रहता है कभी छोरता
नहीं....एक सच्चे साथी की तरह.

दुःख में, सुख में .. हर घडी
में, नितांत अकेलापन कभी
कचोटता लेकिन आज तो यह
मेरी ज़रुरत बन गया है
शायद....मेरी जिंदगी की तरह.

सभी छोड़ जायेंगे एक दिन,
इसलिए किस ने साथ नहीं
दिया, यही दर्द पहले सालता
रहता था....घाव में
उभरे हुए तीस की तरह.

लेकिन अब तो यह आदत
बन गयी है....एक ज़रुरत
शायद नींद की गोली की तरह.

हमेशा सोचता रहता हूँ
यह अकेलापन ही अच्छा साथी
है, सच्चा साथी है.....
सबसे सच्चा साथी...

बहुत प्यार....जीवितेश

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