Saturday, October 16, 2010

Pehla Ahsaas

इंसान की जिंदगी में हर पहली चीज़ बहुत प्यारी होती है। चाहे वोह पहली सांस हो...पहली बार चलना हो ....स्कूल का पहला दिन..पहली साइकिल ...कॉलेज का पहला दिन...हर चीज़। यह मेरी पहली पोस्ट है......अतः मेरे लिए काफी विशेष है। लेकिन सोचता हूँ......क्या लिखूं......अपने बारे में ...ना...एक तकनीकी संस्थान में काम करने वाली की जिंदगी के बारे में लिखे ने के लिए कुछ ख़ास नहीं होता....तोह...फिर बिहार के बारे में लिखूं......मन करता है ...लेकिन यह सोच कर चुप रहता हूँ की......बहुत से लोग हैं जो बहुत ज्यादा अच्छा लिखते हैं...बिहार के बारे में ...मन उद्वेलित हो जाता है पढके ऐसा लिखते हैं। चाहे वोह रंजन सर की दालान हो या रविश बाबु की क़स्बा।

सो.....सोचता हूँ...सोचता रहता हूँ......हाँ एक चीज़े है......जो मैं यहाँ लिख सकता हूँ...वोह है.....अपनी ढेर साड़ी कवितायेँ......उनमे से कुछ तो पोस्ट करूंगा......लेकिन ..पहले .....अपने गुरूजी की आज्ञा ले लूं।

गुरूजी इस दुनिया में मुखियाजी के नाम से जाने जाते हैं और अभी पाटलिपुत्र की यात्रा पे हैं।
तो मिलते हैं शीघ्र ही आपसे....हमारी बात करने.........